“चीन का सोने का भंडार 2,366 टन तक पहुंचा, केंद्रीय बैंक ने खरीदारी बढ़ाई”
चीन का वैश्विक सोने के बाजार पर प्रभाव अब और अधिक संरचनात्मक और गहरा होता जा रहा है। इसके पीछे चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की खरीद, घरेलू निवेश, संस्थागत पूंजी का प्रवाह और देश के भीतर ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास प्रमुख कारण हैं।
Jefferies के विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन के केंद्रीय बैंक का आधिकारिक सोना भंडार नवंबर 2022 में खरीदारी दोबारा शुरू होने के समय लगभग 1,950 टन था, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 2,366 टन हो गया। 2023 में रिकॉर्ड 225 टन सोना जोड़ने के बाद, PBOC ने 2026 की दूसरी तिमाही में फिर से खरीदारी बढ़ाई और 33 टन सोना जोड़ा। इसके बाद जुलाई में लगभग 20 टन सोना खरीदा गया, जो अक्टूबर 2023 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ी खरीद थी।
हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि आधिकारिक आंकड़े चीन की वास्तविक सरकारी मांग को कम दिखा सकते हैं। कस्टम्स डेटा, वास्तविक भौतिक खपत और रिफाइनिंग हब से होने वाले निर्यात के आधार पर की गई गणना बताती है कि जनवरी 2024 से अब तक लगभग 161.6 टन सोना खरीदा गया है, जबकि नियामक द्वारा आधिकारिक रूप से केवल 130.9 टन की खरीद की जानकारी दी गई है। यानी लगभग 30 टन सोने का अंतर है, जिसका आधिकारिक आंकड़ों में हिसाब नहीं दिखता।
आधिकारिक भंडार के अलावा, चीन में वित्तीय संस्थानों और आम परिवारों की ओर से भी सोने की मांग लगातार बनी हुई है। पिछले साल चीनी नियामकों ने एक कदम को मंजूरी दी, जिसके तहत 10 बीमा कंपनियां अपनी कुल संपत्ति का 1% तक की राशि कीमती धातुओं में निवेश कर सकती हैं। इससे लंबे समय के लिए संस्थागत पूंजी के सोने में आने का रास्ता तैयार हुआ है।
इसी समय, चीन के घरेलू रियल एस्टेट बाजार में कमजोरी, बैंक जमा पर घटती ब्याज दरें और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने आम लोगों के निवेश व्यवहार में बदलाव किया है। हालांकि सोने के आभूषणों की बिक्री में कुछ कमी आई है, लेकिन खुदरा निवेशक भौतिक सोने की छड़ें (bars), सिक्के और ETF के शेयर बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं। इसी कारण Huaan Yifu Gold अब चीन के सबसे बड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में शामिल हो गया है।
बीजिंग की रणनीति का एक और उद्देश्य वैश्विक सोने के कारोबार में चीन की भूमिका को बढ़ाना है। इसके लिए चीन एक स्वतंत्र क्लियरिंग और लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित कर रहा है।
हांगकांग एक नया क्लियरिंग और सेटलमेंट फ्रेमवर्क लागू कर रहा है। अधिकारी Shanghai Gold Exchange के साथ भौतिक सोने की डिलीवरी के लिए कनेक्शन स्थापित कर रहे हैं, जबकि विदेशों में स्थित वॉल्ट्स (ऑफशोर गोल्ड स्टोरेज) का एक नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है।
भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के तहत हांगकांग की सोना जमा करने की क्षमता लगभग 200 टन से बढ़कर 2,000 टन से अधिक हो जाएगी। यह इस बात को दर्शाता है कि चीन खुद को सोने के भंडारण, क्लियरिंग और वितरण के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है।